पृथ्वी के कितने प्रतिशत भाग पर जल है? या prithvi par jal ki matra kitne pratishat hai? ये 2 ऐसे प्रशन हैं जिनका उत्तर कई लोग जानना चाहते हैं! तो आज के इस ब्लॉग में हम आपके इन्ही दो प्रशनो के उत्तर देने का प्रयास करेंगे! इन 2 प्रशनो को कई बार IAS PCS GS की परीक्षाओं में भी पूछा गया है और इन प्रशनो को लेकर काफी सारे स्टूडेंट्स आज भी कन्फ्यूज्ड रहते हैं! हैरान कर देने वाली बात यह है की कई बार एग्जाम को कंडक्ट करने वाली संस्थाएं भी इन प्रशनो को लेकर कन्फ्यूज्ड रहती हैं और अलग-अलग परीक्षाओं में इन प्रशनो के अलग-अलग उत्तर मांगती है! 

पृथ्वी के कितने प्रतिशत भाग पर जल है

पृथ्वी के कितने प्रतिशत भाग पर जल है?

अगर हम प्रतिशत की बात करें की prithvi ke kitne pratishat bhag par jal hai तो इसका उत्तर है 71/%. और बाकी के बचे हुए 29% पर सारे जीव जंतु रहते हैं पर क्या कभी आपने यह सोचा है की पृथ्वी के 71% भाग पर जल है पर फिर भी हमें पीने के पानी की कमी क्यों महसूस होती है? हम पानी का मन चाहा प्रयोग क्यों नहीं कर सकते? क्या हमारे महासागरों में भरा असीमित पानी हमारी सभी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए काफी नहीं है?


पृथ्वी पर लगभग 71% पानी है लेकिन इन 71% में से कुछ प्रतिशत पानी ही उपयोग के लायक है बाकी बचे हुए पानी में अशुध्दियां इतनी ज़्यादा है की पीने के लिए उपयोग करना असंभव है! हमारे पीने के उपयोग के लिए मात्र 3% पानी पृथ्वी पर है लेकिन उन 3% का भी 2/3 भाग ग्लेशियर के रूप में बर्फ बनकर जमा हुआ है! और केवल 1% पानी पुरे विश्व की आबादी का भरण-पोषण के लिए बचता है और इसलिए हमें पानी का उपयोग काफी सावधानी से करना चाहिए! क्योंकि बिना जल के जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती!


अगर हम इंडिया के संदर्भ में देखें तो यह स्तिथि और भी ज़्यादा ख़राब है पुरे विश्व का 2.45% छेत्रफल है हमारे भारत का और पुरे विश्व की 17% आबादी यहाँ निवास करती है! विश्व के जल का साधन यानि की पुरे विश्व के जल का 4% भारत में उपलब्ध है और इसलिए पानी के सही से उपयोग करने की प्रक्रिया भारत के लिए और भी ज़्यादा आवश्यक हो जाती है! 


हम पानी कैसे बचा सकते हैं?

  1. सब्ज़ी और फल धोने के बाद बचे हुए पानी को गमलो में डालकर हम पानी की सेविंग कर सकते हैं!
  2. RO से बचे हुए पानी को हम फर्श साफ़ करने आदि में कर सकते हैं!
  3. पानी को बहुत ही सावधानी से इस्तेमाल करना चाहिए क्योंकि यह जीवन देने वाला तत्व है और इसलिए पानी की कभी भी लीकेज ना होने दें क्योंकि एक टपकता हुआ नल पूरी टंकी खाली कर सकता है और आपको यह जानकर शायद थोड़ा आशचर्य हो लेकिन 4000 बूंदे मिलकर 1 लीटर पानी बनती हैं इसलिए पानी की लीकेज कभी न होने दें!

Conclusion (अंतिम शब्द) 

आज के इस ब्लॉग में हमने जाना की पृथ्वी के कितने प्रतिशत भाग पर जल है और हम पानी कैसे बचा सकते हैं! तो आशा करता हूँ की यह ब्लॉग पढ़कर इन प्रशनो को लेकर आपकी जो भी consfusion थी वह ख़तम हो गयी होगी! इसी तरह की अतरंगी और दिलचसप जानकारियों के लिए इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ शेयर करें! धन्यवाद!

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